स्वतंत्रता दिवस की आप सब को हार्दिक शुभ कामनाएं
मुंबई में मेरे एक मित्र हैं
सतीश शुक्ल जी जिनसे मैं अभी तक नहीं मिला हूँ लेकिन मित्रता का मिलने से कोई सम्बन्ध नहीं है, ये बात मैंने ब्लॉग जगत में आने के बाद ही जानी है. उनके बारे में विस्तृत जानकारी तो आप नीचे पढ़ ही लेंगे लेकिन आज स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर आईये पढ़ते हैं उनकी देश प्रेम से ओतप्रोत एक ग़ज़ल :-

शहीदे वतन का नहीं कोई सानी
वतन वालों पर उनकी है मेहरबानी
वतन पर निछावर किया अपना सब कुछ
लड़कपन का आलम बुढ़ापा जवानी
किया दिल से हर फैसला ज़िंदगी का
कोई बात समझी, न बूझी, न जानी
लड़े खून की आख़िरी बूँद तक वो
लहू की नदी भी पड़ी है बहानी
कफ़न की कसम, “हो हिफाज़त वतन की”
वसीयत शहीदों की है मुहँजबानी
वतन के लिए जो फ़ना हो गए हैं
तिरंगा उन्हीं की सुनाता कहानी
'रक़ीब' उनका क्यों ज़िक्र दो दिन बरस में
वो हैं जाविदां ज़िक्र भी जाविदानी
सतीश जी के बारे में संक्षिप्त परिचय यूँ है, ग़ज़ल पसंद आने पर आप उन्हें सीधे ही बधाई दे सकते हैं:
नाम : सतीश चन्द्र शुक्ला
उपनाम : रक़ीब लखनवी
प्रचलित नाम : सतीश शुक्ला "रक़ीब"
जन्म स्थान : लखनऊ , उत्तर प्रदेश , भारत
जन्म तिथि : अप्रैल 04 , 1961
पिता : श्री कृपाशंकर श्यामबिहारी शुक्ला
माता : श्रीमती लक्ष्मी देवी शुक्ला
भाई - बहन : ऊषा, शोभा, सुनील, सुधीर, आशा, शशि, सुशील एवं मंजू
पत्नी एवं पुत्री : अनुराधा - सागरिका
संपर्क : बी - 204, एक्सेल हाऊस, १३ वां रास्ता, जुहू स्कीम, जुहू, मुंबई - 400049.
: 022 2620 9913 / 2671 9913 / 09892165892
: sckshukla@rediffmail.com / sckshukla@gmail.com
: www.raqeeblucknowi.mumbaipoets.com
शिक्षा : एम. ए. , बी. एड. , डी.सी.पी.एस.ए.(कम्प्युटर)
वर्तमान सम्प्रति : इस्कॉन के जुहू , मुंबई स्थित गेस्ट हाऊस में सहायक प्रबंधक की हैसियत
से कार्यरत
प्रकाशन : "आज़ादी" सहारा इंडिया द्वारा अगस्त १९९२ में लखनऊ (उ. प्र.) से
: "कुछ कुछ" आज का आनंद द्वारा सितम्बर 2001 में पूना (महाराष्ट्र) से
: "मोहब्बत हो अगर पैदा" आज का आनंद द्वारा अक्टूबर 2001 पूना(महाराष्ट्र)से
: "खाक़ में मिल गए" आज का आनंद द्वारा नवम्बर 2001 पूना (महाराष्ट्र) से
पुरस्कार एवं सम्मान : मुंबई की सामजिक एवं साहित्यिक संस्था आशीर्वाद द्वारा विशेष सम्मान मई
2008 में.