तुमसे दिल में रोशनी है
ऐ खुशी तू शम्अ सी है
छोड़ जाती है सभी को
ज़िंदगी किसकी सगी है
आप की सांगत है प्यारी
गोया गुड़ की चाशनी है
बारिशों की नेमतें हैं
सूखी नदिया भी बही है
मिटटी के घर हों सलामत
कब से बारिश हो रही है
नाज़ क्योंकर हो किसी को
कुछ न कुछ सबमें कमी है
कौन अब ढ़ूढ़े किसी को
गुमशुदा हर आदमी है
बांट दे खुशियाँ खुदाया
तुझको कोई क्या कमी है

