Monday, August 15, 2011

तुझ पे दिल क़ुरबान

The Tri Colour Indian Flag


आईये स्वतंत्रता दिवस पर हम सब मिल कर उस वतन को याद करें जो कभी अपना हुआ करता था और जो कभी फिर से अपना होगा. आज हम आमजन, काबुलीवाला के पठान की तरह, निर्वासितों सा जीवन जीने को मजबूर है क्यूँ के आज ये वतन हमारी अकर्मण्यता की वजह से लुटेरों, घूसखोरों, घोटाले बाजों, ढोंगीयों और संवेदन हीन लोगों के कब्ज़े में है. वक्त आ गया है के हम जागें और फिर से अपने उसी वतन को हासिल करें जिस पर हमें कभी नाज़ हुआ करता था.


ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन
तुझ पे दिल क़ुरबान
तू ही मेरी आरज़ू, तू ही मेरी आबरू
तू ही मेरी जान

(तेरे दामन से जो आए उन हवाओं को सलाम
चूम लूँ मैं उस ज़ुबाँ को जिसपे आए तेरा नाम ) - २
सबसे प्यारी सुबह तेरी
सबसे रंगीं तेरी शाम
तुझ पे दिल क़ुरबान ...

(माँ का दिल बनके कभी सीने से लग जाता है तू
और कभी नन्हीं सी बेटी बन के याद आता है तू ) - २
जितना याद आता है मुझको
उतना तड़पाता है तू
तुझ पे दिल क़ुरबान ...

(छोड़ कर तेरी ज़मीं को दूर आ पहुंचे हैं हम
फिर भी है ये ही तमन्ना तेरे ज़र्रों की क़सम ) - २
हम जहाँ पैदा हुए
उस जगह पे ही निकले दम
तुझ पे दिल क़ुरबान ...

46 comments:

दीपक डुडेजा said...

काबुली वाले की तरह निर्वासित जिंदगी ....
नीरज जी, जिन लोगों को आज १५ अगस्त की ठेकेदारी मिली हुई है ..... उनका बस चला तो देश का हर नागरिक एक दिन 'निर्वासित जिंदगी' ही जियेगा.....
भावुक गीत की प्रस्तुति के लिए आभार..

राजेश उत्‍साही said...

सच तो यह है कि देश से लोग नहीं बनते, लोगों से देश बनता है। हम सब धीरे-धीरे अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। लोग कौन हैं यह आत्‍मावलोकन हमें ही करना होगा।

Vijai Mathur said...

स्वाधीनता दिवस की हार्दिक मंगलकामनाएं।

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

क्या क्या याद दिला दिया नीरज जी...
स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं.

इस्मत ज़ैदी said...

बहुत ख़ूबसूरत दिल को छू लेने वाली तख़लीक़ है ये जितनी बार भी सुनें आँख भर आती है
यौम ए आज़ादी मुबारक हो

अनुपमा त्रिपाठी... said...

bhavbheeni prastuti.
aaj ke din ki shubhkamnayen.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

स्वतन्त्रता दिवस की शुभ कामनाएँ।

रचना दीक्षित said...

सच कहा नीरज जी.
स्वतन्त्रता दिवस की शुभ कामनाएँ.

ताऊ रामपुरिया said...

नायाब.

स्वतंत्रता दिवस की घणी शुभकामनाएं.

रामराम.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
65वें स्वतन्त्रतादिवस की हार्दिक मंगलकामनाएँ!

डॉ टी एस दराल said...

काश आँखें खुल सकें .
सुन्दर भावनाएं ।
आपको और १२० करोड़ देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें ।
बाकि बचे १ करोड़ लोगों को तो पी एम जी ने भी बधाई नहीं दी । क्योंकि शायद ये वे लोग हैं जिनके स्विस बैंकों में खाते हैं ।
जयहिंद ।

S.N SHUKLA said...

सुन्दर रचना, बहुत सार्थक प्रस्तुति
, स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

जयकृष्ण राय तुषार said...

भाई नीरज जी अद्भुत पोस्ट बधाई और शुभकामनाएं

जयकृष्ण राय तुषार said...

भाई नीरज जी अद्भुत पोस्ट बधाई और शुभकामनाएं

राकेश कौशिक said...

"आज ये वतन हमारी अकर्मण्यता की वजह से लुटेरों, घूसखोरों, घोटाले बाजों, ढोंगीयों और संवेदन हीन लोगों के कब्ज़े में है. वक्त आ गया है के हम जागें और फिर से अपने उसी वतन को हासिल करें जिस पर हमें कभी नाज़ हुआ करता था."

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई

संतोष कुमार said...

Happy independence day.
Jai hind :-)

Babli said...

सुन्दर अभिव्यक्ति के साथ भावपूर्ण कविता लिखा है आपने! शानदार प्रस्तुती!
आपको एवं आपके परिवार को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

प्रवीण पाण्डेय said...

यह गीत सुनते ही आँखें नम हो जाती हैं।

๑♥!!अक्षय-मन!!♥๑, said...

सच कहा आपने
स्वतन्त्रता दिवस की शुभ कामनाएँ.
मेरे नए पोस्ट
http://akshay-mann-muktak.blogspot.com/

Kunwar Kusumesh said...

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें.

pran sharma said...

PREM DHAWAN KAA LIKHA YAH GEET
SADAA PRERNA DETAA RAHEGA . AAP
SABKO SWATANTARTA DIWAS KEE HARDIK
BADHAAEE AUR SHUBH KAMNA .

हरकीरत ' हीर' said...

ऐ मेरे प्यारे वतन....
ऐ मेरे बिछड़े चमन...
तुझ पे दिल क़ुरबान....

आमीन .....

रेखा said...

स्वतन्त्रता दिवस की शुभ कामनाएँ

Shah Nawaz said...

स्वतंत्र दिवस पर सभी देशवासियों को ढेरों शुभकामनाएँ तथा वीर शहीदों को सलाम!

महेन्द्र मिश्र said...

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं.....

तिलक राज कपूर said...

तिरंगे से जुदा इक दिन नये कुछ रंग देखेंगे
नहीं सोचा था हम जनतंत्र के ये ढंग देखेंगे।
लड़ाई लड़ रहे थे हम सभी मिलकर कभी लेकिन
किसे था ख्‍़वाब अपने घर में ही हम जंग देखेंगे।

नीरज भाई, काबुलीवाला की याद ताज़ा करने के लिये धन्‍यवाद।

अजय कुमार said...

स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

मनोज कुमार said...

आपको भी स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं।

ज्योति सिंह said...

is gaane me jadoo sa asar hai ,desh prem ki bhavna dil me umad padti hai ,jai hind ,swatantrata divas ki badhai .

Amrita Tanmay said...

कभी-कभी तो लगता है कि हम आज भी गुलाम ही हैं . ये राजनीति हमें कभी भी स्वतंत्र नहीं होने देगी.अच्छा लगा आपको पढ़ना.

संजय भास्कर said...

बहुत सार्थक प्रस्तुति ......
स्वतंत्र दिवस पर सभी देशवासियों को ढेरों शुभकामनाएँ तथा वीर शहीदों को सलाम!

Dr (Miss) Sharad Singh said...

सार्थक प्रस्तुति ....

mark rai said...

तेरे दामन से जो आए उन हवाओं को सलाम
चूम लूँ मैं उस ज़ुबाँ को जिसपे आए तेरा नाम ......स्वतंत्र दिवस पर सभी देशवासियों को ढेरों शुभकामनाएँ....

सदा said...

हर पंक्ति बेमिसाल ...इस बेहरतीन प्रस्‍तुति के लिये बधाई ।

daanish said...

बिलकुल ठीक लिखा आपने
आज हर सच्चा हिन्दोस्तानी स्वयं को
उपेक्षित और असहाय महसूस कर रहा है ,,
देश की बागडोर फिर से कुछ संवेदन-विहीन लोगों के
हाथ में पहुँच चुकी है ...

मानना दा का खूबसूरत गीत याद दिलवा कर
बहुत उपकार किया आपने ...
शुभकामनाएं .

daanish said...

कृपया
ऊपर टिप्पणी में
{मानना दा} की जगह
"मन्ना दा"
पढ़ें . . .
(टंकण त्रुटि)

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

इस गीत को सुनकर बस खड़े होकर सिर झुकाने की तबियत होती है!!

Dr.R.Ramkumar said...

नीरज भाई!
एक गीत से इस वजनदार वतन के कई वजनदार व्यक्तित्व नजरों में झलमला उठे...शताब्दि वर्ष के पुरोधा विश्व कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर,उनकी कहानी ‘काबुलीवाला’ , जिसपर बनी इसी नाम की फिल्म जिसका गीत आपने उठाया, पूरा उठाया, अभिनेता - सम्राट् अभिनेता और लेखक बलराज साहनी, मन्नाडे जिन्होंने यह गीत गाया...संगीत और गीतकार जिन्होंने इसकी दिलफरेब धुन तैयार की..संगीतकार और गीतकार के नामों को लेकर भ्रम में हूं..कृपया आवश्यक समझें तो बताइयेगा कभी , यूं ही प्रसंगवश..

Abnish Singh Chauhan said...

"आईये स्वतंत्रता दिवस पर हम सब मिल कर उस वतन को याद करें जो कभी अपना हुआ करता था और जो कभी फिर से अपना होगा. "
काफी तीखापन है इन पंक्तियों में. बधाई स्वीकारें

दिगम्बर नासवा said...

मन्ना दा का गाया .. फिल्म काबुली वाला ... अगर सही है तो बलराज साहनी ... वाह नीरज जी किन पुरानी यादों में उतार दिया आपने आज ...
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं ...

अभिषेक मिश्र said...

हाल ही में 'काबुलीवाला' देखी और तब पता चला कि यह गीत काबुल को याद करते हुए गाया जा रहा है. एक अच्छे संगीत की यह भी खूबी होती है.
शुभकामनाएं.

Babli said...

मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

Shiv said...

मेरा बहुत फेवरिट गीत. सभी फेवरिट. क्या लिखनेवाले और क्या गाने वाले.

नीरज गोस्वामी said...

Comment received on e-mail:-

(तेरे दामन से जो आए उन हवाओं को सलाम
चूम लूँ मैं उस ज़ुबाँ को जिसपे आए तेरा नाम ) - २
सबसे प्यारी सुबह तेरी
सबसे रंगीं तेरी शाम
तुझ पे दिल क़ुरबान

उत्तम प्रस्तुति नीरज भाई !
आप का दर्द और आप की संवेदनाएं महसूस कर सकता हूँ.
बदलेगा ...यकीनन एक दिन सब कुछ बदलेगा . यही विश्वास हमारी ताकत भी है
और ख़्वाब भी .............
आलम खुरशीद

Anil Avtaar said...

Manna Dey saaahab ki gayki ka jaadu aaj bhi kayam hai... Deshprem se otprot geet padhwane ke liye dhanyawaad.....

नीरज गोस्वामी said...

Comment received on e-mail:-


gud ,bahut achhha laga, tujh pe dil kurban,
bharat maa par aapka yeh flag -presentation
congrats,
om sapra, delhi-9