Monday, August 31, 2020
किताबों की दुनिया -213
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सूरज है वो कि चाँद है देखूँगा फिर उसे पहले वो मेरी आँख का कंकर निकाल दे *** होगा न सेहरकारी में उससे बड़ा कोई वो बूँद रक्खे सीप में गौहर न...
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