Friday, March 6, 2015
इक रंग मुहब्बत का थोड़ा सा लगा दूँ तो
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आदरणीय पंकज जी के ब्लॉग पर हुई अद्भुत होली की तरही में भेजी खाकसार की ग़ज़ल। इसे जो पढ़े उसको भी जो न पढ़े उसको भी जो कमेंट करे उसको भी जो न ...
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