Monday, November 26, 2012
किताबों की दुनिया-76
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उनकी ये जिद कि वो इंसान न होंगे, हरगिज़ मुझको ये फ़िक्र, कहीं मैं न फ़रिश्ता हो जाऊं भूल बैठा हूँ तेरी याद में रफ़्तार अपनी मुझ...
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