Monday, April 12, 2021
किताबों की दुनिया - 229
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ज़िन्दगी तेरे पास क्या है बता मौत के पास तो बहाने हैं * जिस्म मुजरिम है और रूह गवाह ज़िंदगी इक बयान है प्यारे * ग़म, ख़ुशी, आह, दर्द और आंसू...
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