Thursday, March 8, 2012

चों मियां फुक्कन


दोस्तों आपको याद होगा पिछले दिनों पंकज सुबीर जी के ब्लॉग पर एक तरही मुशायरे का आयोजन किया गया था जिसमें पेश मेरी ग़ज़ल आप पिछली पोस्ट में पढ़ चुके हैं. उसी मुशायरे के आखिर में उस्ताद शायर "भभ्भड़" पूरा भांग का मटका चढ़ा कर आ टपके. उनके आते ही मुशायरा होली के रंग में डूब गया. आप पंकज जी के ब्लॉग पर भभ्भड़ जी की हज़ल को पूरी पढ़ सकते हैं यहाँ प्रस्तुत हैं बानगी के तौर पर उस हज़ल के कुछ शेर. होली चली गयी तो क्या हुआ उसी के खुमार में इसका लुत्फ़ लें. मैंने ये हज़ल पंकज जी के ब्लॉग से उस वक्त चुरा ली जब वो पिनक में थे. अब चुरा ली तो चुरा ली जब बड़े बड़े चोरों का इस देश की सरकार कुछ नहीं बिगाड़ पायी तो इस चोरी पर पंकज जी मेरा क्या बिगड़ लेंगे? इसे कहते हैं चोरी और सीना जोरी...फिलहाल हज़ल पढ़िए और दिल खोल कर हंसिये



खूबसूरत उसकी साली है अभी तक गाँव में
इसलिए कल्लू कसाई है अभी तक गाँव में

चों मियां फुक्कन तुम्हारे घर में कल वो कौन थी
तुम तो कहते थे कि, बीवी है अभी तक गाँव में

मायके जाना है तुझको, गर जो होली पर, तो जा
वो बहन तेरी फुफेरी है अभी तक गाँव में

आ रिये हो खां किधर से बहकी बहकी चाल है
क्या वो नखलऊ वाली नचनी है अभी तक गाँव में

आप होली पर शराफत इतनी क्यूँ दिखला रहे
आपकी क्या धर्म पत्नी है अभी तक गाँव में

हुस्न बेपरवाह सा है इश्क बेतरतीब सा
औ' मोहब्बत बेवकूफी है अभी तक गाँव में

आज कल देते हैं वो 'भभ्भड़' का परिचय इस तरह
ये पुराना एक पापी है अभी तक गाँव में

43 comments:

रविकर said...

चले चकल्लस चार-दिन, होली रंग-बहार |
ढर्रा चर्चा का बदल, बदल गई सरकार ||

शुक्रवारीय चर्चा मंच पर--
आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति ||

charchamanch.blogspot.com

vidya said...

:-)

बहुत खूब सर...

चोरी पर सीनाजोरी का अपना सुख है....

आपकी होली शुभ हो...
सादर.

expression said...

बेहतरीन सर........

रंग जमा दिया होली का आपने...

आपको होली की शुभकामनाये...
सादर.

रेखा said...

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ...
होलिकी हार्दिक शुभकामनाएँ .

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत ही मज़ेदार!


सादर

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

आपको महिला दिवस और होली की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ।


----------------------------
कल 09/03/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

चों मियां फुक्कन तुम्हारे घर में कल वो कौन थी
तुम तो कहते थे कि, बीवी है अभी तक गाँव में


:):) बहुत रसीली गजल .... होली की शुभकामनायें

प्रवीण पाण्डेय said...

जय हो, होली की मस्ती, जय हो..

रश्मि प्रभा... said...

:) holi ki shubhkamnayen

ऋता शेखर मधु said...

अच्छी हास्य रचना...होली की शुभकामनाएँ!

दर्शन कौर 'दर्शी' said...

आपकी सीना जोरी मजेदार रही ......हैप्पी होली ...

Onkar said...

holi par sateek rachna

वीनस केशरी said...

हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा

anju(anu) choudhary said...

वाह जी ...बहुत खूब

yashoda4 said...

च्यों रे..........जे का है
फट गया पेट हंसते हंसते
दया करना..........इतना मत हंसाना

Chirag Joshi said...

shaandar maja aa gaya
superb

संध्या शर्मा said...

बहुत मजेदार चोरी है... :)
होली की ढेर सारी शुभकामनायें ...

काजल कुमार Kajal Kumar said...

पर अब तो ये आपकी हुई

Fani Raj Mani Chandan said...

हुस्न बेपरवाह सा है इश्क बेतरतीब सा
औ' मोहब्बत बेवकूफी है अभी तक गाँव में

होली के रंगों के हिसाब से एकदम फिट है. होली की ढेरों शुभकामनाएं :-)

Anupama Tripathi said...

हास्य ...और होली ...!!
बहुत बढ़िया ...!!
होली की शुभकामनायें ...

Vaanbhatt said...

मज़ा आ गया...होली का माहौल सेट कर दिया आपने...

Aditya said...

haha.. bahut hi mazeydaar ghazal :)

डॉ .अनुराग said...

sahi hai beedu !

Saras said...

पहली बार पोस्ट पर आना हुआ .....और यह "हज़ल" बहुत पसंद आयी....मज़ा आ गया ....शेयर करने के लिए आभार!.....होली की अनेकानेक शुभकामनाएं आपको भी

Shah Nawaz said...

हुस्न बेपरवाह सा है इश्क बेतरतीब सा
औ' मोहब्बत बेवकूफी है अभी तक गाँव में


वाह... वाह... वाह... होली की हार्दिक शुभकामनाएं!

दीपिका रानी said...

आज सुबह-सुबह आपकी ग़ज़ल ने दिन अच्छा बना दिया.. मुस्कुराहट आ गई होठों पर.. लगता है दिन अच्छा बीतेगा।

देवेन्द्र पाण्डेय said...

मस्त हजल।

दिगम्बर नासवा said...

Holi ka rang Chaya huva hai ... Abhi to Pankaj Ji ki khumar se nahi ubhar paaye the aap me dubara PAUVA pila diya .. Ha ha ha ...
Néeraj Ji ... Naman hai is hazal aur is andaaz ko ...
Apko holi ki Bahut Bahut mangal kamnayen ...

Ankur jain said...

वाह..बेहद मनोरंजक:)

veerubhai said...

होली को मुबारक कर दिया मियाँ आपने ,...बहुत खूब .

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

हा हा हा हा...
सचमुच जबरदस्त हज़ल पढवाई सर...
सादर.

Akhil said...

क्या बात है..बहुत खूब...होली की शुभकामनाएं...

आशा जोगळेकर said...

होली की ये हज़ल जबरदस्त । भभ्भड जी का आभार ।

कमल कुमार सिंह (नारद ) said...

बहुत उम्दा , खासकर वीडियो .

सादर

पंकज सुबीर said...

चों खां चोरी कर के सीनाजोरी कर रिये हो, पर जाओ मियां तुम तो अपनी पिचान वाले हो इसलिये कुछ नइ बोल रिये हैं ।हमारा भोपाल होता तो एक मिलिट में अंदर करवा देते । पर जाओ मियां तुम भी क्‍या याद करोगे किसी भोपाली से पाला पड़ा था । अमां अब कम स कम चोरी के बाद एक पान तो खिला दो, अरे खां फुक्‍कन लगा तो एक पान बढि़या किमाम, जर्दे और हां चूना जरा तेज करना । चलो मियां पाना खाओ और भूल जाओ सब ।

पंकज सुबीर said...

लाहौल विला ...अपना नाम तो बताना ही भूल गये हम कोन बोल रिये है, मिजे नी पिचाना, अमां हम आपके हैं भभ्‍भड़ कवि भौंचक्‍के ।

नीरज गोस्वामी said...

Msg received on e-mail:-

हा हा हा :):):)
बहुत ख़ूब !
आप को आप के परिवार को और तमाम दोस्तों को
होली की हार्दिक शुभ कामनाये ............................!
आलम खुरशीद

सदा said...

वाह ...बहुत खूब ।

Dr. kavita 'kiran' (poetess) said...

kahi suna tha--Pal do pal ki hi bas thitholi hai, tum nahi ho to kya khaak holi hai...:)
HOLI KI SABHI MITRON KO HARDIK SHUBHKAMHAYEN..(der se hi sahi..:)

प्रतीक माहेश्वरी said...

हाहा.. पढने में देर हो गयी पर मज़ा पूरा है अभी तक! :)

अंकित "सफ़र" said...

भकभौं जी की नई तस्वीर कमाल कर रही है मियाँ, सारे दांत पान खाने चले गए लग रिया है. चूना तेज़ मार दिया क्या.................

Manish Kumar said...

हुस्न बेपरवाह सा है इश्क बेतरतीब सा
औ' मोहब्बत बेवकूफी है अभी तक गाँव में
hmmm mazahiya lajze mein bhi gehri baat yahan kah gaye aap.

mridula pradhan said...

mazedar.....